असगर वजाहत — शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
असगर वजाहत की लघुकथाएँ
असगर वजाहत की भाषा और चारों लघुकथाओं के प्रतीक बताना।
लेखक-परिचय. असगर वजाहत फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) में जन्मे। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़े, और जामिया मिल्लिया में पढ़ाया।
विविध लेखन. उन्होंने कहानी, उपन्यास, नाटक और लघुकथाओं के साथ फ़िल्मों और धारावाहिकों की पटकथाएँ भी लिखीं।
रचनाएँ. 'जिस लाहौर नई देख्या' उनका प्रसिद्ध नाटक है; 'सात आसमान' और 'कैसी आगि लगाई' उनके उपन्यास हैं।
भाषा. उनकी भाषा में गंभीरता, व्यंग्य, और मुहावरों की सहजता है।
चार लघुकथाएँ. यहाँ की चारों लघुकथाएँ प्रतीकों से बात करती हैं: 'शेर' = सत्ता; 'पहचान' = आज्ञाकारी जनता चाहने वाला राजा; 'चार हाथ' = मज़दूरों का शोषण; 'साझा' = किसान का शोषण। चारों समाज की सत्ता और शोषण पर चोट करती हैं।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.