LearnWave
Learn it. Master it.

ममता कालिया — दूसरा देवदास

ममता कालिया और दूसरा देवदास

ममता कालिया की भाषा-विशेषताएँ और कहानी का मूल भाव बताना।

लेखिका-परिचय. ममता कालिया मथुरा में जन्मीं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में एम.ए. किया, और दिल्ली, मुंबई और इलाहाबाद में पढ़ाया।

भाषा परिषद. वे भारतीय भाषा परिषद, कलकत्ता की निदेशक भी रहीं।

रचनाएँ. 'बेघर', 'नरक दर नरक', 'दौड़' उनके उपन्यास हैं। उनकी कहानियाँ 'संपूर्ण कहानियाँ' नाम से दो खंडों में हैं।

शब्दों की पारखी. वे शब्दों की पारखी हैं: साधारण शब्दों से जादुई असर, सटीक व्यंग्य, और सरल अभिव्यक्ति।

'दूसरा देवदास'. यह कहानी हरिद्वार में हर की पौड़ी पर एक युवक और एक युवती की पहली, आकस्मिक मुलाकात और प्रेम के अंकुर की कहानी है। प्रेम कहीं भी, कभी भी जन्म ले सकता है, और कहानी उसे पवित्र रूप में दिखाती है।

प्रेम कहीं भी, कभी भी जन्म ले सकता है: कहानी उसे पवित्र और स्थायी रूप में दिखाती है।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.