परीक्षा
कहावतें
कहानी में आई कहावतों के अर्थ समझो।
आपकी किताब 'मल्हार' के पाठ 10 'परीक्षा' में, गाड़ी निकलने के बाद किसान (जो असल में सुजानसिंह थे) मुसकराकर कहता है: 'गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।' यह एक कहावत है। इसका अर्थ है — कोशिश करने पर ही सफलता मिलती है। मोती समुद्र की गहराई में होते हैं; किनारे बैठे रहने से वे नहीं मिलते। युवक ने कीचड़ में उतरकर मेहनत की, और उसे दीवानी मिली।
ऐसी ही एक और कहावत है: 'जिन खोजा तिन पाइयाँ, गहरे पानी पैठ' — यानी परिश्रम का फल ज़रूर मिलता है। कहावतें ऐसे छोटे वाक्य होते हैं जिन्हें लोग अपनी बात को और असरदार बनाने के लिए बोलते हैं।
पृष्ठ 116 पर किताब ने पाँच और कहावतें और उनके अर्थ दिए हैं। 'अधजल गगरी छलकत जाए' — जिसके पास थोड़ा ज्ञान होता है, वह उसका दिखावा करता है। 'अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत' — समय निकल जाने के बाद पछताना बेकार है।
'एक अनार सौ बीमार' — कोई एक चीज़ और उसे चाहने वाले अनेक। किताब खुद बताती है कि यह कहानी पर कैसे बैठती है: विज्ञापन में नौकरी तो एक ही थी, पर उम्मीदवार ढेरों आ गए! 'जो गरजते हैं वे बरसते नहीं' — जो बहुत बढ़-चढ़कर बोलते हैं, वे काम नहीं करते। और 'जहाँ चाह, वहाँ राह' — जब किसी काम को करने की इच्छा होती है, तो उसका साधन भी मिल जाता है।
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