पेड़ की बात
पेड़ का भोजन
जानो कि पेड़-पौधे अपना भोजन कैसे लेते हैं।
लेख में, लेखक कहते हैं कि हम जिस तरह भोजन करते हैं, पेड़-पौधे भी उसी तरह भोजन करते हैं — बस उनका ढंग अलग है। हमारे दाँत हैं, इसलिए हम कठोर चीज़ें खा सकते हैं। नन्हे बच्चों के दाँत नहीं होते, इसलिए वे केवल दूध पी सकते हैं।
पेड़-पौधों के भी दाँत नहीं होते। इसलिए लेख के अनुसार वे केवल तरल द्रव्य या वायु (हवा) से भोजन लेते हैं। पेड़-पौधे जड़ के द्वारा मिट्टी से रस पीते हैं। जैसे चीनी में पानी डालने पर चीनी गल जाती है, वैसे ही मिट्टी में पानी डालने पर उसके भीतर बहुत-से द्रव्य गल जाते हैं, और पेड़-पौधे वही सारे द्रव्य सोख लेते हैं। अगर जड़ों को पानी न मिले, तो पेड़ का भोजन बंद हो जाता है और पेड़ मर जाता है। इसीलिए पौधे को पानी देना हो, तो जड़ में देना — पत्तों पर कितना भी पानी डालो, जड़ तक न पहुँचे तो पौधा भूखा ही रहेगा।
सूक्ष्मदर्शी एक यंत्र है, जिससे बहुत छोटी चीज़ें भी साफ़ दिखती हैं। पेड़ की डाल या जड़ को सूक्ष्मदर्शी से देखें, तो पता चलता है कि पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल हैं। इन्हीं नलों के द्वारा मिट्टी का रस पेड़ के पूरे शरीर में पहुँचता है।
पत्ते हवा से आहार लेते हैं। लेख के अनुसार पत्तों में अनगिनत छोटे-छोटे मुँह होते हैं, और सूक्ष्मदर्शी से इन मुँहों पर होंठ भी दिखते हैं। जब आहार की ज़रूरत न हो, तब ये दोनों होंठ बंद हो जाते हैं। आज विज्ञान पत्तों के इन छोटे-छोटे मुँहों को रंध्र (अंग्रेज़ी में स्टोमेटा) कहता है। तुम विज्ञान की किताब में भी इनके बारे में पढ़ोगे।
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