पानी रे पानी
बात पर बल देना
सीखिए कि किसी बात पर ज़ोर कैसे दिया जाता है।
पृष्ठ 47 पर 'शब्दों की बात' में एक छोटी पर बहुत काम की बात है। दो वाक्य:
- "हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।"
- "हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।"
दूसरे वाक्य से एक शब्द हटाया गया: 'भी'। बस दो अक्षर, पर अर्थ बदल गया!
'भी' वाक्य को पहले कही बात से जोड़ता है। लेखक ने अभी-अभी बच्चों की गुल्लक की बात की थी। 'भी' कहकर वह धरती को उससे जोड़ता है: जैसे वह गुल्लक है, वैसे ही यह भी।
'भी' हटा दीजिए, तो वह जोड़ टूट जाता है। वाक्य सही रहता है, पर अब वह पिछली बात से जुड़ा नहीं; एक नई, अलग घोषणा बन जाता है।
पाठ में ऐसे और छोटे शब्द भी हैं जो वाक्य में ख़ास असर लाते हैं:
| शब्द | उदाहरण | असर |
|---|---|---|
| ही | "सब तरफ़ पानी ही बहने लगता है।" | और कुछ बचा ही नहीं, ऐसी मजबूरी |
| तो | "पानी आता भी है तो बेवक़्त।" | शिकायत का ज़ोर |
| बेहद | "पानी का बेहद कम हो जाना" | बहुत ज़्यादा |
| खूब | "प्रकृति खूब पानी बरसाती है।" | भरपूर |
ये बहुत छोटे शब्द हैं, पर वाक्य का स्वर इन्हीं से बनता है। अच्छा लेखक इन्हें सोच-समझकर रखता है।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.