एक आशीर्वाद
कविता की रचना और सृजन
कविता की रचना की एक खास बात खोजिए और खुद कुछ रचिए।
रचना की खास बात. इस कविता में एक खास बात है, जो इतनी सरल है कि आसानी से छूट जाती है।
पूरी कविता में मुख्य संज्ञा केवल एक है: 'स्वप्न'। बाकी लगभग सब क्रियाएँ हैं।
गिनिए: चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना, जलाना, खड़े होना। एक संज्ञा, दस क्रियाएँ।
यही 'ताना-बाना' है। जैसे कपड़ा बुनने में एक धागा आर-पार जाता है और बाकी उसके चारों ओर बुने जाते हैं, वैसे ही 'स्वप्न' के चारों ओर क्रियाएँ बुनी गई हैं।
असर: कविता में गति आ जाती है। संज्ञाएँ ठहरी रहती हैं, क्रियाएँ चलती हैं। इसी से सपना कुछ करता हुआ दिखता है, केवल एक विचार नहीं रहता।
मानवीकरण. कविता सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते दिखाती है। जब किसी निर्जीव या अमूर्त (जिसे छुआ न जा सके) चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाया जाए, उसे मानवीकरण कहते हैं।
आपकी बारी. एक संज्ञा चुनिए और उसके चारों ओर क्रियाएँ बुनिए। पुस्तक का उदाहरण: "बादल को घिरते देखा है, गरजते देखा है, बरसते देखा है,…" संज्ञा एक (बादल), क्रियाएँ बदलती हुईं (घिरना, गरजना, बरसना)। आप 'नदी', 'हवा', 'किताब' या 'रास्ता' लेकर भी लिख सकते हैं।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.