LearnWave
Learn it. Master it.

वीरेन डंगवाल — तोप

कंपनी बाग़ की तोप

तोप के बारे में कविता से मिली जानकारी और विरासत का अर्थ बताना।

कवि. वीरेन डंगवाल 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल ज़िले के कीर्तिनगर में पैदा हुए; 28 सितंबर 2015 को उनका निधन हुआ। वे आम लोगों और अनदेखी चीज़ों (जैसे एक पुरानी तोप) को कविता का विषय बनाते थे।

विरासत दो तरह की. विरासत यानी पुरखों से मिली चीज़ें। एक, जो हमें पुरानी उपलब्धियों पर गर्व कराएँ; दूसरी, जो पुरखों की भूलों और उनके बुरे नतीजों की याद दिलाएँ, ताकि हम वैसी गलती न दोहराएँ।

कंपनी की तोप. ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने आई और शासक बन बैठी। उसकी तोपों ने 1857 में आज़ादी के लिए लड़ने वालों को मारा। वही 1857 की तोप आज कानपुर के कंपनी बाग़ के मुहाने (दरवाज़े) पर रखी है।

खूब सँभाल. विरासत में मिले कंपनी बाग़ की तरह इस तोप की भी बड़ी सँभाल होती है। साल में दो बार इसे चमकाया जाता है; अनुमान लगाइए: राष्ट्रीय पर्वों, 15 अगस्त और 26 जनवरी पर। (कविता यह नहीं कहती; यह हमारा अंदाज़ा है।)

तोप की शेखी. सुबह-शाम बाग़ में बहुत से सैलानी आते हैं। तोप मानो उन्हें बताती है: मैं बड़ी जबर (ताकतवर) थी; अपने ज़माने में मैंने अच्छे-अच्छे सूरमाओं (वीरों) के धज्जे (चिथड़े) उड़ा दिए थे।

1857 की तोप विरासत है: वह गर्व की नहीं, अत्याचार की याद और सबक़ है।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.