साङकेन
एक और अनेक
एकवचन और बहुवचन के बारे में सीखो।
जो शब्द एक चीज़ के लिए आता है, वह एकवचन है — जैसे 'पालकी'। जो शब्द एक से ज़्यादा चीज़ों के लिए आता है, वह बहुवचन है — जैसे 'पालकियाँ'। आपकी किताब 'वीणा' के पाठ 4 'साङकेन' में (पृष्ठ 39 पर) पाँच वाक्यों में रेखांकित शब्दों का वचन बदलना है।
इन सभी शब्दों के आखिर में बड़ी ई की आवाज़ है: पालकी, खपच्ची, नदी, मिठाई, बालटी। इनका बहुवचन बनाने का नियम है — बड़ी ई ( ी ) को छोटी इ ( ि ) करो और आगे 'याँ' जोड़ दो। पालकी → पालकि + याँ = पालकियाँ।
इसी तरह: खपच्ची — खपच्चियाँ, नदी — नदियाँ, बालटी — बालटियाँ। 'मिठाई' के आखिर में मात्रा नहीं, पूरा अक्षर 'ई' है; यहाँ भी वही नियम है: 'ई' को 'इ' करके 'याँ' जोड़ो — मिठाइयाँ। ध्यान दो: 'मिठाईयाँ' या 'नदीयाँ' लिखना गलत है।
उलटा करना हो तो नियम भी उलटा लगाओ: 'याँ' हटाओ और छोटी इ को बड़ी ई करो। बालटियाँ → बालटी, खपच्चियाँ → खपच्ची। जैसे किताब का वाक्य: सारी बालटियाँ भर गईं, केवल एक बालटी बची है।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.