LearnWave
Learn it. Master it.

तुलसीदास — भरत-राम का प्रेम, पद

तुलसीदास: लोकमंगल के कवि

तुलसीदास की प्रमुख रचनाएँ, भाषाएँ और इस पाठ के प्रसंग बताना।

कठिन बचपन. तुलसीदास का बचपन बहुत कष्ट में बीता। माता-पिता से बिछड़कर उन्हें भिक्षा माँगकर जीना पड़ा।

रामभक्ति की राह. कहते हैं, रामभक्ति की राह उन्हें गुरु नरहरिदास ने दिखाई। पत्नी रत्नावली वाली प्रसिद्ध कथा का कोई पक्का प्रमाण नहीं है।

रामचरितमानस. उन्होंने अयोध्या में 'रामचरितमानस' लिखना शुरू किया। यह अवधी भाषा में है, मुख्यतः दोहा-चौपाई छंदों में।

लोकमंगल के कवि. वे लोकमंगल (सबकी भलाई) और समन्वय (अलग-अलग विचारों को जोड़ने) के कवि हैं। ब्रज और अवधी दोनों भाषाओं पर उनका पूरा अधिकार था। मानस, कवितावली, गीतावली और विनयपत्रिका उनकी ख्याति के आधार हैं।

यह पाठ. पाठ में मानस के अयोध्या कांड से भरत का प्रसंग है, और गीतावली के दो पद हैं, जिनमें राम के वन जाने पर माँ कौशल्या का विरह है।

मानस, कवितावली, गीतावली और विनयपत्रिका तुलसी की ख्याति के आधार हैं।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.