LearnWave
Learn it. Master it.

भदंत आनंद कौसल्यायन — संस्कृति

समास और आविष्कारों पर विचार

सामासिक पदों का विग्रह करना और समास-भेद पहचानना।

समास क्या है? दो या ज़्यादा शब्द मिलकर छोटा रूप बनाएँ, तो समास। उसे खोलकर लिखना विग्रह कहलाता है। विग्रह से ही भेद पता चलता है।

भेद और पाठ के उदाहरण.

  • द्वंद्व (दोनों शब्द बराबर, बीच में 'और'): हिंदू-मुसलिम (हिंदू और मुसलिम), गलत-सलत;
  • तत्पुरुष (दूसरा शब्द मुख्य, बीच का 'का/से' छिपा): आत्म-विनाश (आत्मा का विनाश), पददलित (पैरों से दलित, कुचला हुआ);
  • कर्मधारय (एक शब्द दूसरे की खासियत बताए): महामानव (महान है जो मानव);
  • द्विगु (पहला शब्द संख्या): सप्तर्षि (सात ऋषियों का समूह);
  • अव्ययीभाव (पहला शब्द अव्यय): यथोचित (जैसा उचित हो);
  • बहुव्रीहि (कोई तीसरा अर्थ निकले): सुलोचना (सुंदर आँखों वाली स्त्री)।

तरकीब. पहले विग्रह लिखिए, फिर देखिए: 'और' आया? द्वंद्व। 'का/के/की/से' आया? तत्पुरुष। पहला शब्द संख्या? द्विगु। बात किसी तीसरे की हो रही है? बहुव्रीहि।

आविष्कारों पर बहस. किताब कहती है: एक वाद-विवाद कीजिए: 'केवल भौतिक ज़रूरतें ही आविष्कारों का आधार नहीं हैं।' आविष्कार ज़रूरत से भी होते हैं, जिज्ञासा से भी, और सेवा-भाव से भी। अपनी नज़र में सबसे ज़रूरी खोजों की एक सूची बनाइए।

विग्रह करो, फिर भेद पहचानो: द्वंद्व, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, अव्ययीभाव, बहुव्रीहि।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.