रामवृक्ष बेनीपुरी — बालगोबिन भगत
क्रियाविशेषण और ग्राम्य संस्कृति
क्रियाविशेषण पहचानना और उनके भेद बताना।
क्रियाविशेषण क्या है? जो शब्द क्रिया (काम) की खासियत बताए: काम कब, कहाँ, कैसे या कितना हुआ। जैसे 'वह धीरे-धीरे चला': 'धीरे-धीरे' बताता है कैसे चला।
चार भेद, चार सवाल.
- कालवाचक (कब?): हमेशा, सदा-सर्वदा, जब-तब, लगातार, देर तक, सवेरे;
- स्थानवाचक (कहाँ?): दूर, पास, ऊपर, नीचे, बाहर;
- रीतिवाचक (कैसे?): धीरे-धीरे, अकस्मात, ज़ोर से;
- परिमाणवाचक (कितना?): बिलकुल कम, बहुत, थोड़ा।
तरकीब. क्रिया से सवाल पूछिए। 'भगत सवेरे ही उठते' → कब उठते? 'सवेरे ही', तो कालवाचक। 'कपड़े बिलकुल कम पहनते' → कितने? 'बिलकुल कम', तो परिमाणवाचक।
गाँव की संस्कृति. इस पाठ में गाँव का जीवन दिखता है:
- मिलकर काम: पूरा गाँव साथ रोपनी करता है;
- गीत-संगीत हर काम के साथ;
- ऋतुओं से जुड़ा जीवन: आषाढ़ की रोपनी, भादो की रातें, माघ की ठंड;
- सादगी।
सोचिए: आपके आसपास का जीवन इससे कैसे अलग है?
क्रियाविशेषण बताता है कि काम कब, कहाँ, कैसे या कितना हुआ।
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