मातृभूमि
अक्षरों से शब्द बनाओ
दिए गए अक्षरों से नए शब्द बनाओ।
अपनी किताब 'मल्हार' का पृष्ठ 9 खोलो और 'आज की पहेली' देखो। वहाँ कुछ अक्षर उलटे-सीधे क्रम में दिए गए हैं। तुम्हें उनका क्रम बदलकर, और ज़रूरत हो तो मात्राएँ लगाकर, एक सार्थक शब्द बनाना है। इस पहेली के सारे शब्द कविता 'मातृभूमि' से जुड़े हैं।
किताब ने पहला शब्द खुद बनाकर दिखाया है: 'स म ह ग र' से 'महासागर'। देखो — अक्षरों का क्रम बदला (म ह स ग र) और 'ह' तथा 'स' पर 'ा' की मात्रा लगी: म-हा-सा-ग-र। नियम याद रखो: दिए गए सारे अक्षर लगाने हैं, और कोई नया अक्षर नहीं जोड़ना है — केवल मात्राएँ जोड़ सकते हैं।
अब बाकी शब्द: 'ह म य ल' से 'हिमालय' (ह पर 'ि', म पर 'ा')। 'ग ग' से 'गंगा' (पहले ग पर बिंदी, दूसरे पर 'ा')। 'भ त र' से 'भारत' (भ पर 'ा')। 'ल क य' से 'कोयल' (क पर 'ो')। और 'व न प' से 'पवन' — इसमें कोई मात्रा नहीं लगी, केवल क्रम बदला।
ये सब कविता के शब्द हैं: हिमालय आकाश चूमता है, गंगा लहराती है, भारत कवि की मातृभूमि है, कोयल अमराइयों में पुकारती है, और मलय पवन तन-मन सँवारती है।
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