LearnWave
Learn it. Master it.

मातृभूमि

एक मात्रा का अंतर

देखो कि एक मात्रा बदलने से शब्द का अर्थ कैसे बदल जाता है।

अपनी किताब 'मल्हार' का पृष्ठ 7 खोलो और 'थोड़ा भिन्न, थोड़ा समान' पढ़ो। कविता 'मातृभूमि' में गौतम के बारे में कहा गया है कि उन्होंने जग को दया सिखाई और जग को दिया दिखाया। इन दो शब्दों को ध्यान से देखो: 'दया' और 'दिया'।

'दया' का अर्थ है करुणा — किसी का दुख देखकर उसकी मदद करने का भाव। 'दिया' का अर्थ है दीपक, जो अँधेरे में रोशनी देता है। दोनों शब्द लगभग एक जैसे दिखते हैं; बस 'दिया' में 'द' के साथ छोटी 'ि' की मात्रा लगी है। केवल एक मात्रा के अंतर से शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया।

किताब पृष्ठ 8 पर एक और उदाहरण देती है: 'घड़ा' और 'घड़ी'। घड़ा पानी भरने का मिट्टी का बर्तन है, और घड़ी समय बताती है। यहाँ अंत में 'ा' की जगह 'ी' की मात्रा आई, और अर्थ बदल गया।

ऐसे और जोड़े देखो: 'मेल' (मिलना) और 'मेला' (जहाँ बहुत लोग घूमने जाते हैं); 'सुना' (कान से सुना) और 'सूना' (खाली, जहाँ कोई न हो); 'पिता' (पापा) और 'पीता' (पानी पीता है)। इसलिए लिखते समय हर मात्रा ध्यान से लगानी चाहिए।

केवल एक मात्रा के अंतर से शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल जाता है: दया (करुणा) — दिया (दीपक), घड़ा (पानी का बर्तन) — घड़ी (समय बताने वाली)।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.