सत्रिया और बिहू नृत्य
असम और बिहू
असम और उसके बिहू नृत्य के बारे में जानो।
यह हिस्सा आपकी किताब 'मल्हार' के पाठ 8 'सत्रिया और बिहू नृत्य' का है। उड़ान के दौरान माँ ने एंजेला को असम के बारे में कुछ बातें बताईं।
असम भारत के उत्तर-पूर्वी (पूर्वोत्तर) क्षेत्र में है। यह अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है। माँ की डॉक्यूमेंट्री यही खोजने वाली थी कि असम के लोगों के जीवन में नृत्य का कितना महत्व है। वे अप्रैल में आए थे — असम में यह नए साल का समय होता है। बसंत के आने की खुशी में वहाँ के लोग एक त्योहार मनाते हैं, जिसे 'बिहू' कहते हैं। अप्रैल वाले, नए साल और बसंत के इस बिहू को बोहाग बिहू कहते हैं।
उसी शाम वे पास के एक गाँव मलंग गए। माँ ने बताया कि बिहू खेती से जुड़ा (कृषि आधारित) त्योहार है, क्योंकि भारत में बहुत से लोग किसान हैं। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है — सबसे पहले जब किसान बीज बोते हैं, फिर जब वे धान रोपते हैं, और फिर जब खेतों में अनाज तैयार हो जाता है।
गाँव में उत्सव जैसा माहौल था। एक बड़े बरगद के पेड़ के नीचे मंच बना था और वहाँ बहुत लोग जमा थे। एंजेला को लगा जैसे वह किसी टाइम-मशीन में बैठकर आ गई हो! लड़के-लड़कियाँ बसंत के आने पर नाच रहे थे। लड़कों ने वाद्ययंत्र (बाजे) ले रखे थे, और लड़कियों ने लाल और बादामी रंग की सुंदर पोशाक पहनी थी। एंजेला का मन हुआ कि वह भी अपने घर पर बसंत आने पर ऐसे ही नाचेगी।
नाच के साथ परिवार ने स्वादिष्ट पकवानों का भी मज़ा लिया। लौटते समय एंजेला को यह बात अच्छी लगी कि त्योहार और नृत्य — दोनों को 'बिहू' कहते हैं। माँ ने बताया कि दुनिया भर में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाएँ दिखाते हैं, और असम का बिहू नृत्य गाँव के जीवन, फसल लगाने और बसंत के आने से जुड़ा है।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.