माँ, कह एक कहानी
पंक्ति से पंक्ति
कविता की पंक्तियों को उनके सही अर्थ से मिलाइए।
पृष्ठ 8 पर 'पंक्ति से पंक्ति' में कविता की दस पंक्तियाँ हैं, और उनके सरल अर्थ अलग क्रम में। इन्हें मिलाना ही अभ्यास है। यहाँ सब एक साथ:
| पंक्ति | सरल अर्थ |
|---|---|
| कहती है मुझसे यह चेटी | यह सेविका मुझसे यह कहती है |
| तू है हठी मानधन मेरे | हे मेरे बेटे, तू बहुत ज़िद करता है |
| झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे | ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं |
| गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से | तेज़ तीर से घायल होकर गिर गया |
| हुआ विवाद सदय-निर्दय में | दयालु और निर्दयी व्यक्ति में झगड़ा हुआ |
| पंक्ति | सरल अर्थ |
|---|---|
| उभय आग्रही थे स्वविषय में | दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे |
| कह दे निर्भय, जय हो जिसका | बिना डरे कह दे कि जीत किसकी होनी चाहिए |
| तब उसने, जो था खगभक्षी, हठ करने की ठानी | तब उस तीर चलाने वाले ने ज़िद करने का निश्चय किया |
| रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी! | न्याय में दया होती है; न्याय मारने वाले के बदले बचाने वाले का साथ देता है |
| तूने गुनी कहानी | तूने कहानी समझ ली है |
इस अभ्यास से एक बात साफ़ होती है: कविता की पंक्ति छोटी होती है और उसका अर्थ लंबा। कवि कम शब्दों में ज़्यादा कहता है। यही पद्य (कविता) को गद्य से अलग करता है।
कविता की पंक्ति छोटी होती है और उसका अर्थ लंबा — कवि कम शब्दों में अधिक कहता है।
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