माँ, कह एक कहानी
कविता के शब्द
कविता के पुराने और कठिन शब्दों के अर्थ समझिए।
यह कविता पुरानी, संस्कृत-भरी हिंदी में है, इसलिए कई शब्द आज कम सुनाई देते हैं। इन्हें समूहों में सीखिए, आसान रहेगा।
घर-परिवार के शब्द:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| चेटी | सेविका, दासी |
| तात | पिता |
| हठी | ज़िद्दी |
| मानधन | जिसका धन ही मान हो (माँ बेटे को प्यार से कहती है) |
प्रकृति के शब्द:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सुरभि | सुगंध |
| वर्ण | रंग |
| हिम-बिंदु | ओस की बूँद |
| खग | पक्षी |
घटना के शब्द: बिद्ध = घायल; खर-शर = तेज़ तीर; आहत = घायल। और पक्ष इस कविता में दो अर्थों में आता है:
- "हुई पक्ष की हानी" = पंख
- "न्याय पक्ष लेता है किसका" = किसी का साथ देना
दोनों पक्षों के शब्द:
| तात की ओर | शिकारी की ओर |
|---|---|
| रक्षी = रक्षा करने वाला | आखेटक = शिकारी |
| सदय = दयालु | निर्दय = दया-रहित |
| खगभक्षी = पक्षी खाने वाला | |
| लक्ष्य-सिद्धि = निशाना लगने में सफलता |
विवाद के शब्द: उभय = दोनों; आग्रही = अपनी बात पर अड़ा हुआ; स्वविषय = अपना पक्ष।
निर्णय के शब्द:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| निरपराध | जिसने कोई अपराध न किया हो |
| उबारे | बचाए |
| वारे | निछावर करे, छोड़ दे |
| निर्भय | बिना डरे |
| बानी | वाणी, बात |
| गुनी | समझ ली |
रक्षी बचाने वाला है और खगभक्षी खाने वाला — और सदय तथा निर्दय ही इस कविता के दो पक्ष हैं।
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