गिरिधर कविराय की कुंडलिया
सोच-समझकर
पहली कुंडलिया की सीख को आज के जीवन से जोड़िए।
पृष्ठ 80 पर 'सोच-समझकर' में पहली कुंडलिया को आज के जीवन से जोड़ा गया है: "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।" आज कुछ लोग जल्दी में काम या फ़ैसले कर बैठते हैं, और इसका सबसे बड़ा ख़तरा है मोबाइल पर आने वाले ठगी के संदेश!
पाठ ऐसे कई संदेश और सही जवाब देता है:
| संदेश | क्या करें |
|---|---|
| "आपका बैंक खाता बंद होने वाला है" | ओ.टी.पी. किसी को न दें; कॉल काटें; अपने बैंक से सीधे संपर्क करें |
| "बधाई! आपने ₹10 लाख की लॉटरी जीती; ₹5000 भेजें" | संदिग्ध वेबसाइट पर भुगतान न करें; साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट करें |
| "ग़लती से आपके नंबर पर ₹1000 का रिफ़ंड भेजा, वापस भेजें" | अनजान को पैसा न भेजें; बैंक ऐप में लेन-देन जाँचें |
| "सिम बंद होने वाला है, आधार-पैन की फ़ोटो भेजें" | कॉल काटें; फ़ोन पर कोई निजी जानकारी न दें |
| संदेश | क्या करें |
|---|---|
| "मैं तुम्हारा चाचा हूँ, ट्रेन में फँसा हूँ, तुरंत ₹5000 भेजो" | पहले पहचान पक्की करें; घर के बड़ों से बात करें; तुरंत पैसे न भेजें |
| "यह ऐप डाउनलोड करें, ₹1000 कैशबैक पाएँ" | अनजान वेबसाइट से ऐप न डाउनलोड करें |
| "बिना गारंटी ₹50,000 का लोन, अभी फ़ीस भरें" | केवल अधिकृत बैंक से संपर्क; फ़ीस के नाम पर पैसा न भेजें |
| "पेमेंट फँसा है, रिफ़ंड के लिए यह क्यू.आर. कोड स्कैन करें" | अनजान व्यक्ति का क्यू.आर. कोड स्कैन न करें |
याद रखिए: साइबर क्राइम की शिकायत के लिए नंबर 1930, और वेबसाइट cybercrime.gov.in।
हर संदेश में एक ही चाल है: 'तुरंत', 'अभी', 'जल्दी'! वह आपको जल्दी करने पर मजबूर करता है, ताकि आप सोच न सकें, क्योंकि सोचते ही चाल पकड़ी जाएगी। इसलिए जवाब भी एक ही है: रुकिए, सोचिए, और किसी बड़े से पूछिए। यही है "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय" का आज का अर्थ!
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.