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बिरजू महाराज से साक्षात्कार

संगीत के शब्द

संगीत और नृत्य से जुड़े शब्दों को उनके अर्थ से मिलाइए।

पृष्ठ 105 पर 'मिलकर करें मिलान' में पाठ के छह शब्द और उनके अर्थ हैं। ये संगीत की बुनियादी शब्दावली है।

शब्दअर्थ
शास्त्रीय संगीतभारत की प्राचीन गायन-वादन-नृत्य परंपरा का अभिन्न (अलग न किया जा सके) अंग; शब्दों से ज़्यादा सुरों का महत्व; नियमों की प्रधानता
कर्नाटक संगीत शैलीशास्त्रीय संगीत की शैली, मुख्यतः दक्षिण भारत में; स्वर की प्रधानता
हिंदुस्तानी संगीत शैलीशास्त्रीय संगीत की शैली, मुख्यतः उत्तर भारत में; प्रमुख रागों की संख्या छह

दोनों शैलियों में संगत (मुख्य कलाकार का साथ देने वाले बाजे) भी अलग है:

कर्नाटकहिंदुस्तानी
जल तरंगम, वीणा, मृदंग, मंडोलिनतबला, सारंगी, सितार, संतूर
शब्दअर्थ
घरानाकलाकारों का समुदाय या कुटुंब, जो एक ख़ास शैली साझा करता है और उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी सिखाता है (बिरजू महाराज लखनऊ घराने के थे)
लोक नृत्यकिसी क्षेत्र विशेष के लोगों के पारंपरिक नृत्य; वहाँ की संस्कृति और रीति-रिवाज दिखाते हैं; ख़ासकर फ़सल कटाई और उत्सवों पर
कनछेदनहिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक; कान में सोने या चाँदी का तार पहनाने से जुड़ा

ध्यान दीजिए: 'कनछेदन' संगीत का शब्द नहीं है, फिर भी सूची में है। मिलान करते समय अर्थ पढ़कर ही जोड़िए!

शास्त्रीय संगीत की दो शैलियाँ हैं — दक्षिण की कर्नाटक और उत्तर की हिंदुस्तानी — और घराना उसे आगे ले जाने वाला कुटुंब है।

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