LearnWave
Learn it. Master it.

चिड़िया

पक्षियों की पहेलियाँ

पक्षियों से जुड़ी पहेलियाँ बूझिए।

पृष्ठ 122 पर 'आज की पहेली'। मज़ेदार बात: सारे उत्तर वही पक्षी हैं जिनके नाम कविता में आए थे!

पहेली (संकेत)उत्तरकविता में नाम
"दिखने में हूँ हरा-हरा ... खाता हूँ मैं मिर्ची लाल, कहते सब मुझे मिट्ठूलाल"तोताशुक
"रहता है घर के आस-पास, रंग है उसका काला ख़ास ... झुंड में आ जाता है वो"कौआकाक
"सुंदर काले मेरे नैन, श्वेत श्याम है मेरे डैन ... खेलूँ पानी में तो आए चैन"खंजनखंजन

(डैन = पंख; श्वेत = सफ़ेद; श्याम = काला।)

पहेली (संकेत)उत्तरकविता में नाम
"कूहू कूहू मधुर आवाज़ ... घर अपना मैं कहाँ बनाती, काली हूँ पर काक नहीं"कोयलकोकिल
"संदेश पहुँचाना मेरा काम, देता हूँ शांति का पैग़ाम, करता हूँ मैं गूटर-गूँ"कबूतरकपोत
"तन मेरा सफ़ेद, गर्दन मेरी लंबी ... कहलाता हूँ मैं जलपक्षी"हंसहंस
"पीता हूँ बारिश की बूँदें ... देखो चकोर है मेरी साथी"चातकचातक

कोयल की पहेली में तीन संकेत हैं, और तीनों एक ही पक्षी पर बैठते हैं: कूहू की आवाज़, अपना घोंसला न बनाना, और काली होकर भी कौआ नहीं। पहेली बूझने का यही तरीक़ा है: सारे संकेत मिलाइए!

इस तरह कविता के सातों पक्षी (शुक, काक, खंजन, कोकिल, कपोत, हंस, चातक) पहेलियों में लौट आते हैं।

कविता के सातों पक्षी — शुक, काक, खंजन, कोकिल, कपोत, हंस और चातक — पहेलियों में लौट आते हैं।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.