एक आशीर्वाद
भाषा की बात
कविता के शब्दों के साथ एक उलटा खेल खेलिए और भाषा की बात सीखिए।
उलटा खेल. आम तौर पर समानार्थी शब्द ढूँढ़ने होते हैं; यहाँ वह शब्द ढूँढ़ना है जो समानार्थी नहीं है।
पृथ्वी: धरा, वसुधा, अवनि, सुता। पहले तीन पृथ्वी के नाम हैं। 'सुता' का अर्थ है पुत्री।
चाँद: मधुकर, शशि, निशाकर, मयंक। शशि, निशाकर (रात को बनाने वाला) और मयंक चंद्रमा के नाम हैं। 'मधुकर' का अर्थ है भौंरा।
तारे: नक्षत्र, सोम, तारक, उडुगण। 'सोम' चंद्रमा का नाम है, तारे का नहीं। (आकाश में है, पर तारा नहीं!)
रोशनी: प्रकाश, लालिमा, उजाला, आलोक। 'प्रकाश', 'उजाला' और 'आलोक' रोशनी के समानार्थी हैं। 'लालिमा' का अर्थ है लाली, लाल रंग; वह रोशनी का रंग है, रोशनी नहीं।
स्वप्न: सपना, इच्छा, यथार्थ, कल्पना। 'यथार्थ' = वास्तविकता, जो स्वप्न का उलटा है। (और यह कविता तो सपनों को धरती पर चलाना, यानी यथार्थ से जोड़ना चाहती है।)
दीया: दीन, ज्योति, दीपक, प्रदीप। 'दीन' का अर्थ है गरीब, असहाय। यह केवल सुनने में मिलता-जुलता है।
सीख: शब्द सुनने में मिलते-जुलते हो सकते हैं, पर अर्थ में बिलकुल अलग। 'दीया' और 'दीन' में केवल ध्वनि की समानता है।
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