हमारा आदित्य
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण
शब्द-पिटारे से संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण छाँटो।
आपकी किताब 'वीणा' के पाठ 13 में (पृष्ठ 165) एक शब्द-पिटारा है — एक संदूक, जिसमें पाठ के शब्द भरे हैं। इन्हें तीन परिवारों में बाँटना है: संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण। किताब ने हर परिवार का एक उदाहरण भरकर दिखाया है — संज्ञा में 'आदित्य', सर्वनाम में 'मुझे', विशेषण में 'गरम'।
संज्ञा — जो शब्द किसी व्यक्ति, चीज़ या जगह का नाम बताए। पिटारे में: सूर्य, आदित्य, सुमन, रवि, दिनेश, वाणी, विद्यार्थी। सुमन, रवि, दिनेश और वाणी पाठ के बच्चों के नाम हैं, और सूर्य आकाश के तारे का नाम।
सर्वनाम — जो शब्द नाम की जगह बोले जाते हैं, ताकि बार-बार नाम न लेना पड़े। पिटारे में: मैं, मैंने, मुझे, हम, आप, यह। जैसे सुमन अपने लिए कहती है — मैं भी वैज्ञानिक बनूँगी। यहाँ 'मैं' सुमन के नाम की जगह आया है।
विशेषण — जो शब्द किसी संज्ञा के बारे में बताए: कैसा या कितना। पिटारे में: गरम, अच्छा (कैसा) और एक, दो, सात, ग्यारह (कितने) — जैसे 'सात घोड़ों का रथ', 'ग्यारह रंगों वाले चित्र', 'गरम सूर्य'। 'बहुत' भी विशेषण की तरह आ सकता है, जैसे 'बहुत ऊर्जा' — कितनी ऊर्जा? बहुत।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.