बगीचे का घोंघा
घोंघे ने क्या-क्या देखा
जानो कि घोंघे ने दीवार के छेद से क्या-क्या देखा।
तुम्हारी किताब 'वीणा' के पाठ 2 'बगीचे का घोंघा' में घोंघा दीवार के छेद से बगीचे के बाहर निकलता है। बाहर उसे एक के बाद एक बहुत-सी नई चीज़ें दिखती हैं। आओ, कहानी के उस हिस्से को क्रम से पढ़ें।
छेद से बाहर आते ही घोंघे ने सामने एक बहुत बड़ा, लंबा-चौड़ा मैदान देखा। असल में वह बच्चों के खेलने का मैदान था। तभी खड़-खड़ की आवाज़ हुई और एक सूखा पत्ता उसके ऊपर आ गिरा। पत्ते के नीचे से निकलकर वह थोड़ा आगे गया, तो उसे एक बड़ा-सा पत्थर दिखा। उसे लगा कि यह कोई पहाड़ है, और वह झट से उस पर चढ़ गया।
पत्थर पर से उसने अपने जीवन में पहली बार लाल चींटियाँ देखीं, जो अपने लंबे-पतले पाँवों से इधर-उधर आ-जा रही थीं। फिर उसने देखा कि एक गिलहरी फुदकती हुई एक पेड़ पर चढ़ गई। फिर दूर एक गेंद लुढ़कती हुई जा रही थी और एक कुत्ता उसके पीछे भाग रहा था।
इसके बाद उसने खजूर का एक ऐसा लंबा पेड़ देखा जो मानो आसमान तक जाता था। और सबसे आखिर में उसने बड़ (बरगद) का एक पेड़ देखा — इतना बड़ा कि घोंघा उसके एक छोर से दूसरे छोर तक देख भी नहीं पाता था।
तो क्रम यह है: मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर, लाल चींटियाँ, गिलहरी, गेंद और कुत्ता, खजूर का पेड़, और आखिर में बड़ का पेड़।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.