नीम
पंक्ति और अर्थ
कविता की पंक्तियों को उनके अर्थ से मिलाओ।
अपनी किताब 'वीणा' का पृष्ठ 27 खोलो और कविता 'नीम' एक बार फिर पढ़ो। किताब के पृष्ठ 29 पर एक खेल है: तुम्हें एक भाव (अर्थ) दिया जाता है, और तुम्हें कविता में वह पंक्ति खोजनी है जिसमें वही बात कही गई है। भाव हमारे अपने सरल शब्दों में होता है; पंक्ति कविता के शब्दों में।
पहला भाव है: 'नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।' कविता में वह पंक्ति खोजो जिसमें 'डॉक्टर' शब्द आया है — वहीं कहा गया है कि डॉक्टर न होकर भी नीम कितने रोग भगाता है।
दूसरा भाव है: 'नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।' प्रसन्न का अर्थ है खुश। कविता की शुरुआत में ही वह पंक्ति है जिसमें नीम दिनभर हँसता-गाता है। जो दिनभर हँसे और गाए, वह दिनभर खुश ही तो है!
कविता के कुछ शब्दों के अर्थ भी जान लो। नेह — प्यार व स्नेह (यह अर्थ किताब में दिया है)। प्रदूषित वायु — गंदी, दूषित हवा, जैसे धुएँ वाली हवा। वायु का अर्थ है हवा। शुद्ध — साफ़। मन बहलाना — मन खुश करना।
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