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नीम

औषधीय पेड़ नीम

जानो कि नीम को औषधीय पेड़ क्यों कहा जाता है।

कविता 'नीम' में कहा गया है कि नीम डॉक्टर नहीं है, फिर भी कितने रोग भगाता है। तुम्हारी किताब 'वीणा' के पृष्ठ 35 पर 'मैं नीम हूँ' में इसी बात को आगे समझाया गया है।

किताब में लिखा है कि नीम की टहनियों, पत्तियों और निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। निबौरी नीम के छोटे-छोटे फल को कहते हैं। 'औषधि' का अर्थ है दवा, और 'औषधीय गुण' का अर्थ है — दवा जैसे काम आने वाले गुण। इसीलिए किताब कहती है कि नीम को औषधीय वृक्ष भी कहते हैं।

उसी पृष्ठ पर एक लड़की का चित्र है जो नीम की पतली, कोमल टहनी से अपने दाँत साफ़ कर रही है। किताब में लिखा है कि नीम की कोमल टहनियाँ दाँत साफ़ करने के काम आती हैं। दाँत साफ़ करने वाली ऐसी टहनी को 'दातुन' कहते हैं।

किताब पूछती है कि और कौन-से पेड़-पौधे औषधीय हैं, और एक उदाहरण खुद देती है — तुलसी। तो नीम की तरह तुलसी भी एक औषधीय पौधा है।

किताब में लिखा है कि नीम की टहनियों, पत्तियों और निबौरियों (फलों) में औषधीय गुण होते हैं, इसलिए उसे औषधीय वृक्ष कहते हैं; उसकी कोमल टहनी से दाँत साफ़ किए जाते हैं (दातुन), और तुलसी भी एक औषधीय पौधा है।

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