ओणम के रंग
विशेषण
विशेषण पहचानना सीखो।
जो शब्द किसी चीज़ या व्यक्ति की विशेषता (वह कैसा है) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। जैसे 'सफ़ेद द्रोण-पुष्प' में 'सफ़ेद' शब्द बताता है कि द्रोण-पुष्प कैसे हैं — इसलिए 'सफ़ेद' विशेषण है। आपकी किताब 'वीणा' के पृष्ठ 102 पर यही उदाहरण दिया गया है। इसी तरह लाल फूल, मीठी खीर, बड़ा आँगन — इनमें लाल, मीठी, बड़ा विशेषण हैं।
पाठ 'ओणम के रंग' में कुछ विशेषण दो बार आए हैं: हल्की-हल्की बयार के झोंके (बयार यानी धीमी हवा), ऊँचे-ऊँचे दीपदान, और नन्हे-नन्हे सफ़ेद द्रोण-पुष्प। किताब के पृष्ठ 101-102 पर कहा गया है कि इन्हें एक बार बोलकर भी पढ़ो: हल्की बयार के झोंके, ऊँचे दीपदान, नन्हे सफ़ेद द्रोण-पुष्प।
दोनों को बोलकर देखो। 'ऊँचे दीपदान' से पता चलता है कि दीपदान ऊँचे हैं। पर 'ऊँचे-ऊँचे दीपदान' सुनकर लगता है कि दीपदान बहुत ऊँचे हैं, और कई सारे हैं। यानी विशेषण को दो बार कहने से बात पर ज़ोर आता है और चित्र आँखों के सामने और साफ़ बन जाता है।
विशेषण खोजने की तरकीब: चीज़ का नाम पहचानो, फिर पूछो — 'कैसा?', 'कैसी?', 'कैसे?'। जो शब्द उत्तर दे, वही विशेषण है। द्रोण-पुष्प कैसे? — सफ़ेद। दीपदान कैसे? — ऊँचे।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.