किरन
समान अर्थ वाले शब्द
कविता से समान अर्थ वाले शब्द खोजो।
कविता 'किरन' में बालिका कहती है कि वह कल शाम तक किरन के साथ खेलती रही। तुम्हारी किताब 'वीणा' के पृष्ठ 4 पर 'भाषा की बात' में इसी 'शाम' शब्द से बात शुरू होती है। किताब बताती है कि 'शाम' के लिए हम संध्या, साँझ और सायं जैसे शब्द भी बोलते हैं।
जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा या मिलता-जुलता हो, उन्हें समानार्थी शब्द कहते हैं। 'समान' यानी एक जैसा, और 'अर्थ' यानी मतलब। इन शब्दों से हम एक ही बात को अलग-अलग ढंग से कह सकते हैं, और कविता में ये बहुत काम आते हैं।
किताब के कुछ और समानार्थी शब्द: नभ — आकाश, अंबर। हवा — वायु, पवन। पेड़ — वृक्ष, तरु। फूल — कुसुम, सुमन। दुनिया — संसार, विश्व।
पर ध्यान रखो, हर मिलता-जुलता दिखने वाला शब्द समानार्थी नहीं होता। 'नभचर' का अर्थ है आकाश में चलने (उड़ने) वाला, जैसे चिड़िया — यह नभ का समानार्थी नहीं है। 'सरिता' का अर्थ है नदी, फूल नहीं। और 'विशाल' का अर्थ है बहुत बड़ा — पेड़ विशाल हो सकता है, पर 'विशाल' पेड़ का दूसरा नाम नहीं है।
समानार्थी शब्द पहचानने का तरीका: वाक्य में पहले शब्द की जगह दूसरा शब्द रखकर देखो। अगर वाक्य का मतलब वही रहे — जैसे 'आकाश में तारे हैं' और 'अंबर में तारे हैं' — तो दोनों समानार्थी हैं।
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