सुंदरिया
'दार' वाले शब्द
'दार' जोड़कर नए शब्द बनाना सीखो।
कुछ शब्दों के अंत में एक छोटा-सा हिस्सा जोड़ने से नया शब्द बन जाता है। अंत में जुड़ने वाले ऐसे हिस्से को प्रत्यय कहते हैं। आपकी किताब 'वीणा' के पाठ 5 'सुंदरिया' में (पृष्ठ 58 की भूल-भुलैया में) 'दार' प्रत्यय से एक शब्द बनाने को कहा गया है।
कहानी में ही 'दार' वाले दो शब्द हैं। हीरासिंह सेठ के घर चौकीदार था: चौकी + दार = चौकीदार — यानी जो पहरे की चौकी सँभाले, पहरा दे। और सेठ ने उसे ईमानदार कहा: ईमान + दार = ईमानदार — यानी जिसमें ईमान (सच्चाई) हो।
एक और शब्द है: समझ + दार = समझदार — यानी जिसमें अच्छी समझ हो। भूल-भुलैया में 'दार' वाला शब्द 'स' से शुरू होता है — वह यही समझदार है।
देखा? 'दार' जोड़ने से बनने वाले शब्द अकसर बताते हैं कि किसी के पास कौन-सी चीज़ या कौन-सा गुण है, या वह कौन-सा काम सँभालता है।
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