चतुर चित्रकार
संज्ञा की जगह सर्वनाम
संज्ञा की जगह सर्वनाम लगाना सीखो।
अपनी किताब 'वीणा' का पृष्ठ 66 खोलो। वहाँ कविता 'चतुर चित्रकार' की एक पंक्ति दी गई है, जिसमें दो शब्दों के नीचे रेखा है: 'उसको' और 'उसे'। कविता में 'उसको' चित्रकार के लिए आया है और 'उसे' शेर के लिए। कवि ने बार-बार 'चित्रकार' और 'शेर' नहीं लिखा — उनकी जगह छोटे शब्द रख दिए।
'चित्रकार', 'शेर', 'नाव' — ये किसी जीव या चीज़ के नाम हैं, इन्हें संज्ञा कहते हैं। जो शब्द संज्ञा के स्थान पर आते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं — जैसे वह, उसे, उसको, वे, उनके।
किताब का उदाहरण देखो: 'फिर शेर को चुपचाप देखकर चित्रकार को कुछ हिम्मत आई।' इसमें सर्वनाम लगाने पर वाक्य बनता है: 'फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।' यहाँ 'उसे' शेर की जगह है और 'उसको' चित्रकार की जगह।
एक व्यक्ति या जानवर के लिए 'वह' आता है: चित्रकार नाव में बैठ गया → वह नाव में बैठ गया। शेर बहुत गुस्से में था → वह बहुत गुस्से में था।
जब बात दो या ज़्यादा की हो, तो 'वह' नहीं चलेगा। 'चित्रकार और शेर के बीच वार्तालाप हुआ' → 'उनके बीच वार्तालाप हुआ' (या 'उन दोनों के बीच')। सर्वनाम चुनते समय देखो कि बात एक की है या कई की, और वाक्य की क्रिया (था/थे, गया/गए) से वह मेल खाता है या नहीं।
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