चतुर चित्रकार
चित्रकार और शेर के गुण
चित्रकार और शेर के गुणों की तुलना करो।
अपनी किताब 'वीणा' का पृष्ठ 69 खोलो। वहाँ 'तुलना' में एक तालिका है, जिसमें आठ गुण लिखे हैं और बताना है कि कौन-सा गुण चित्रकार में है और कौन-सा शेर में। किताब ने पहला खाना भर दिया है: बुद्धिमान — चित्रकार। आओ, कविता 'चतुर चित्रकार' (पृष्ठ 61-62) को याद करके बाकी साफ़-साफ़ गुण समझें।
चित्रकार बुद्धिमान और चतुर है। उसके पास शेर जैसी ताकत नहीं थी, पर उसने दिमाग से काम लिया। पहले उसने शेर का चित्र बनाने की बात कहकर उसे बिठाया, फिर मुँह दूसरी ओर करवाया, और मौका मिलते ही चुपके से खिसककर नाव से दूर निकल गया। कविता का नाम भी यही बताता है — 'चतुर चित्रकार'।
शेर शक्तिशाली है — जंगल का सरदार, जिसके सामने कोई टिक न सके। वह डरावना भी है — उसे देखते ही चित्रकार के होश उड़ गए थे, और कविता उसे 'यम राजा का मित्र' कहती है।
पर शेर भोला भी निकला। चित्रकार की मीठी बातों पर उसने तुरंत भरोसा कर लिया, पीठ फेरकर आँखें मूँदे बैठा रहा और यह भी नहीं समझ पाया कि चित्रकार भाग रहा है। वह चित्रकार की चाल में आ गया।
तो देखो: ताकत शेर के पास थी, पर जीत चित्रकार की बुद्धि की हुई।
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