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मेरा बचपन

विशेषण और संज्ञा

पाठ के वाक्यों से विशेषण और संज्ञा पहचानो।

अपनी किताब 'वीणा' का पृष्ठ 82 खोलो। 'भाषा की बात' में पाठ 'मेरा बचपन' का वह वाक्य दिया गया है जिसमें लेखक विलायती खेलों का सबसे बड़ा ऐब बताते हैं। उसमें तीन शब्दों के नीचे रेखा है: विलायती, बड़ा और महँगे।

ये तीनों शब्द किसी और शब्द की विशेषता बताते हैं। 'विलायती' बताता है कि खेल कैसे हैं — विलायती खेल। 'बड़ा' बताता है कि ऐब कैसा है — बड़ा ऐब। 'महँगे' बताता है कि सामान कैसे हैं — महँगे सामान। खेल, ऐब और सामान संज्ञा शब्द हैं, और जो शब्द संज्ञा की विशेषता बताते हैं, वे विशेषण कहलाते हैं।

पाठ में ऐसी और भी जोड़ियाँ हैं। लेखक को अपना कच्चा घर याद आता है — 'कच्चा' विशेषण है, 'घर' संज्ञा। वे नंगे पाँव खेतों में घूमते थे — 'नंगे' विशेषण, 'पाँव' संज्ञा। हलधर उनके चचेरे भाई थे — 'चचेरे' विशेषण, 'भाई' संज्ञा। गुल्ली के खिलाड़ियों का सरल स्वभाव — 'सरल' विशेषण, 'स्वभाव' संज्ञा।

पहचानने का आसान तरीका: संज्ञा से पूछो 'कैसा?', 'कैसी?' या 'कैसे?'। घर कैसा? कच्चा। स्वभाव कैसा? सरल। जो उत्तर मिले, वही विशेषण है। इन जोड़ियों में विशेषण पहले आता है और संज्ञा उसके बाद।

जो शब्द संज्ञा की विशेषता बताए, वह विशेषण है: विलायती खेल, बड़ा ऐब, महँगे सामान, कच्चा घर, नंगे पाँव, चचेरे भाई, सरल स्वभाव — इनमें पहला शब्द विशेषण है और दूसरा संज्ञा।

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