न्याय
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
मुहावरे और लोकोक्तियाँ सीखो।
मुहावरे और लोकोक्तियाँ ऐसे शब्द-समूह हैं जिनका एक खास अर्थ होता है — शब्दों के सीधे अर्थ से अलग। आपकी किताब 'वीणा' के पाठ 9 के 'भाषा की बात' (पृष्ठ 112) में दस मुहावरे और लोकोक्तियाँ हैं। हर एक में एक-दो शब्दों की जगह चित्र बना है, और चित्र देखकर पूरा मुहावरा बनाना है। यहाँ हर चित्र शब्दों में बताया गया है।
(क) मगरमच्छ और आँख से गिरता आँसू — 'मगरमच्छ के आँसू बहाना' (झूठा दुख दिखाना)। (ख) एक आँख — 'आँख-मिचौनी खेलना' (छुपन-छुपाई जैसा खेल)। (ग) दो बार अंक 1 — 'एक और एक ग्यारह' (मिलकर काम करने में बहुत ताकत होती है)। (घ) एक भैंस — 'अक्ल बड़ी या भैंस' (बुद्धि शरीर के बल से बड़ी है)। (ङ) बंदर और अदरक — 'बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद' (जो किसी अच्छी चीज़ को न समझे, वह उसकी कद्र नहीं करता)।
(च) अंक 9, 2 और 11 — 'नौ दो ग्यारह होना' (भाग जाना)। (छ) लाल और पीले रंग के छींटे — 'लाल-पीला होना' (बहुत गुस्सा होना)। (ज) दाँत और उँगली — 'दाँतों तले उँगली दबाना' (बहुत हैरान होना)। (झ) पेट और चूहे — 'पेट में चूहे कूदना' (बहुत भूख लगना)। (ञ) सूरज और दीया — 'सूरज को दीया दिखाना' (किसी बहुत बड़े ज्ञानी को कुछ सिखाने की कोशिश करना)।
ध्यान दो: 'एक और एक ग्यारह' में गणित का जोड़ नहीं है — गणित में तो एक और एक दो होते हैं! यहाँ दो 1 को पास-पास लिखने से 11 बन जाता है, यानी दो मिल जाएँ तो ताकत बहुत बढ़ जाती है।
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