LearnWave
Learn it. Master it.

सिल्वर वैडिंग

घर में पार्टी

बताना कि यशोधर बाबू नयी चीज़ों से नाराज़ भी हैं और भीतर से खुश भी, और परिवार में पीढ़ियों का अंतर कैसे दिखता है।

नयी चीज़ें. बेटे अपने वेतन से घर में कारपेट, सोफ़ा, टी.वी., फ्रिज लाते हैं। पर वे वेतन पिता के हाथ में नहीं रखते, और घर के काम (दूध लाना, राशन) नहीं सँभालते।

घर में पार्टी. उस शाम घर पहुँचकर यशोधर देखते हैं कि बच्चों ने उनकी सिल्वर वैडिंग की बड़ी पार्टी रखी है। बेटी जींस पहने है, और पत्नी होंठों पर लाली लगाए है। उन्हें यह सब 'समहाउ इंप्रापर' लगता है।

भीतर का संतोष. फिर भी उन्हें मन ही मन संतोष भी है: जिस अनाथ के जन्मदिन पर कभी लड्डू तक नहीं आए, उसकी वर्षगाँठ पर आज इतना कुछ है। गैस और फ्रिज देखकर लोग उन्हें बड़ा आदमी मानते हैं, और यह उन्हें थोड़ा अच्छा भी लगता है।

केक और लड्डू. बच्चों के कहने पर वे अनमने भाव से केक काटते हैं, पर उसमें अंडा होने के कारण खाते नहीं। लड्डू भी नहीं खाते: कहते हैं, अभी संध्या (पूजा) नहीं की।

लंबी पूजा. वे पूजा को जान-बूझकर लंबा खींचते हैं, ताकि मेहमान चले जाएँ। ध्यान में उन्हें नीला बिंदु नहीं, किशनदा दिखते हैं। नयी खुशहाली के बीच भी वे खुद को अजनबी पाते हैं।

नयी खुशहाली में भी यशोधर बाबू अपने को अजनबी पाते हैं।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.