LearnWave
Learn it. Master it.

अज्ञेय — मैं क्यों लिखता हूँ?

अनुभव और अनुभूति

अनुभव और अनुभूति का अंतर उदाहरण से समझाना।

विज्ञान का विद्यार्थी. अज्ञेय विज्ञान के विद्यार्थी थे। अणु क्या है, रेडियोधर्मी तत्व कैसे काम करते हैं, यह किताबी ज्ञान उनके पास था। जब हिरोशिमा पर अणु-बम गिरा, तो उन्होंने ख़बरें पढ़ीं, उसके दुरुपयोग के ख़िलाफ़ लेख भी लिखे। पर वह बुद्धि का विरोध था; उससे कविता नहीं बनी।

ब्रह्मपुत्र की मछलियाँ. युद्ध के समय उन्होंने देखा था कि थोड़ी-सी ज़रूरत के लिए सैनिक ब्रह्मपुत्र में बम फेंककर हज़ारों मछलियाँ मार देते थे। जीवन की इस बेरहम बर्बादी ने उन्हें पीड़ा दी।

अनुभव था, फिर भी कविता नहीं. फिर जापान जाने का मौका मिला। उन्होंने हिरोशिमा देखा, और वह अस्पताल भी जहाँ रेडियम-पदार्थ से घायल लोग बरसों से तड़प रहे थे। यह प्रत्यक्ष अनुभव था। फिर भी उन्होंने तुरंत कुछ नहीं लिखा। (कुछ वीडियो कहते हैं कि 'आँखों से देखने' से लिखने की ताकत आई; पाठ ठीक उलटा कहता है।)

अनुभव और अनुभूति का फ़र्क. यही पाठ की सबसे बड़ी बात है:

  • अनुभव: जो घटना हमारे साथ घटी, उसे जानना;
  • अनुभूति: संवेदना और कल्पना के सहारे उस सच को भी भीतर तक महसूस कर लेना, जो हमारे साथ नहीं घटा।

लेखक के लिए अनुभूति अनुभव से गहरी चीज़ है।

पत्थर पर छाया. एक दिन सड़क पर घूमते हुए उन्होंने एक झुलसा हुआ पत्थर देखा, जिस पर किसी इंसान की लंबी, उजली छाया बनी थी। विस्फोट के समय कोई वहाँ खड़ा होगा; जो किरणें आसपास से निकलीं, उन्होंने पत्थर को झुलसा दिया, जो उस आदमी पर रुकीं, उन्होंने उसे भाप बनाकर उड़ा दिया। पूरी त्रासदी मानो पत्थर पर लिखी रह गई। यह देखकर उन्हें थप्पड़-सा लगा। उस पल वे खुद हिरोशिमा के विस्फोट के भोक्ता (झेलने वाले) बन गए। यही अनुभूति थी।

कविता कब बनी? उसी अनुभूति से भीतर वह विवशता जागी। धीरे-धीरे वे खुद को उससे थोड़ा अलग कर सके, और एक दिन कविता लिखी: जापान में नहीं, भारत लौटकर, रेलगाड़ी में बैठे-बैठे। कविता अच्छी है या बुरी, उन्हें इससे मतलब नहीं; वह सच है, क्योंकि अनुभूति से जन्मी है।

देखा हुआ अनुभव कविता नहीं बना; पत्थर पर छाया देखकर जागी अनुभूति ने लेखक को विस्फोट का भोक्ता बनाया।

Practise this lesson

Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.

No account, no email address. Opens the real product.