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मातृभूमि

कविता के शब्द और संदर्भ

कविता के शब्दों को उनके सही संदर्भ से मिलाओ।

अपनी किताब 'मल्हार' का पृष्ठ 4 खोलो। वहाँ 'मिलकर करें मिलान' में कविता 'मातृभूमि' के दस शब्द दिए गए हैं। हर शब्द का अर्थ या संदर्भ (वह किसके बारे में है) जानने से कविता और साफ़ समझ में आती है।

पहले प्रकृति के शब्द: 'हिमालय' भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत-माला है। 'सिंधु' का अर्थ है समुद्र। 'गंगा-यमुना' भारत की प्रसिद्ध नदियाँ हैं। 'त्रिवेणी' तीन नदियों की मिली हुई धारा है, जिसे संगम भी कहते हैं। 'मलय पवन' वह सुगंधित वायु है जो दक्षिण भारत के मलय पर्वत से चलती है।

अब महापुरुषों के नाम: 'रघुपति' श्री रामचंद्र का एक नाम है; वे दशरथ के पुत्र थे। 'सीता' जनक की पुत्री थीं, इसीलिए उन्हें जानकी भी कहते हैं। 'श्रीकृष्ण' वसुदेव के पुत्र थे, इसलिए उन्हें वासुदेव भी कहते हैं।

'गीता' एक प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ है — 'श्रीमद्भगवद्गीता'। इसमें वे प्रश्न-उत्तर और संवाद (बातचीत) हैं जो महाभारत में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए थे। 'गौतम बुद्ध' एक प्रसिद्ध महापुरुष थे, जो बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे — यानी उन्होंने ही बौद्ध धर्म की शुरुआत की।

कविता के शब्दों के अर्थ: हिमालय — उत्तरी सीमा की पर्वत-माला, त्रिवेणी — तीन नदियों का संगम, मलय पवन — मलय पर्वत की सुगंधित वायु, सिंधु — समुद्र, रघुपति — दशरथ के पुत्र श्रीराम, सीता — जनक की पुत्री, गीता — श्रीकृष्ण-अर्जुन का संवाद, गौतम बुद्ध — बौद्ध धर्म के प्रवर्तक।

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