मेरी माँ
मिलाकर छोटे किए शब्द
ऐसे शब्द पहचानो जो दो शब्दों को मिलाकर छोटे किए गए हैं।
आपकी किताब 'मल्हार' के पाठ 6 'मेरी माँ' में कुछ ऐसे शब्द हैं जो दो शब्दों को मिलाकर छोटे किए गए हैं। किताब के पृष्ठ 57 पर इनके दो उदाहरण दिए गए हैं।
पहला उदाहरण: पाठ में लिखा है कि माताजी सहेलियों से 'अक्षर-बोध' करती थीं। अक्षर-बोध का अर्थ है — अक्षर का बोध, यानी अक्षरों का ज्ञान। यहाँ बीच का 'का' हटाकर दो शब्द जोड़ दिए गए। दूसरा उदाहरण: माताजी बचे हुए समय में 'पढ़ना-लिखना' करती थीं। पढ़ना-लिखना का अर्थ है — पढ़ना और लिखना। यहाँ बीच का 'और' हटा दिया गया।
किताब बताती है कि लिखते समय हम शब्दों को मिलाकर छोटा बना लेते हैं, जिससे समय, स्याही और कागज़ की बचत होती है। छोटा करके कहना मनुष्य का स्वभाव भी है।
पाठ में ऐसे और भी शब्द हैं। देश-सेवा — देश की सेवा। पालन-पोषण — पालन और पोषण (बच्चे को पालना और उसे बड़ा करना)। भोग-विलास — भोग और विलास (ऐश-आराम)। सखी-सहेली — सखी और सहेली। काम-काज — काम और काज, यानी सब तरह के काम।
ऐसे शब्द का पूरा अर्थ जानने के लिए सोचो कि बीच में कौन-सा छोटा शब्द छिपा है — 'का', 'की' या 'और'।
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