माँ, कह एक कहानी
कवि से परिचय
कवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन और उनकी रचनाओं के बारे में जानिए।
कविता समझने के बाद कवि को जानना भी ज़रूरी है। इससे पता चलता है कि कविता कहाँ से आई।
यह पूरी कविता नहीं, उसका एक अंश (हिस्सा) है। 'माँ, कह एक कहानी' मैथिलीशरण गुप्त की काव्य-कृति 'यशोधरा' से ली गई है।
अब पात्र साफ़ हो जाते हैं: यह अंश माँ यशोधरा और बेटे राहुल की बातचीत (संवाद शैली) में लिखा गया है। इसीलिए माँ बेटे को 'राहुल' कहकर बुलाती है।
कवि के बारे में:
| बात | जानकारी |
|---|---|
| जन्म | 1886, चिरगाँव, झाँसी (उत्तर प्रदेश) |
| निधन | 1964 |
| कविता लिखना शुरू | 15–16 साल की उम्र में |
| भाषा | पहले ब्रजभाषा, फिर जीवन-भर हिंदी |
| प्रसिद्धि | राष्ट्रकवि (राष्ट्र का कवि) |
| प्रसिद्ध रचनाएँ | साकेत, भारत-भारती, यशोधरा |
स्वतंत्रता आंदोलन के समय उनकी कविताओं ने लोगों में देशप्रेम जगाया।
उनकी ज़्यादातर रचनाओं में भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय भावना झलकती है।
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