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वर्षा-बहार

कवि से परिचय

कवि मुकुटधर पाण्डेय के जीवन और उनकी रचनाओं के बारे में जानिए।

पृष्ठ 84 पर 'कवि से परिचय'। 'वर्षा-बहार' का मनोरम (मन को अच्छा लगने वाला) दृश्य रचने वाले मुकुटधर पाण्डेय के बारे में:

बातजानकारी
जन्म1895, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
निधन1989
लिखना शुरूकिशोरावस्था में (लगभग आपकी उम्र में!)
रचनाएँ छपींउस समय की प्रसिद्ध पत्रिकाओं 'सरस्वती' और 'माधुरी' में
सम्मानभारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री'

"प्रकृति-सौंदर्य की विभिन्न छवियाँ उनकी रचनाओं में देखने को मिलती हैं।" यानी प्रकृति (बादल, फूल, नदी, ऋतुएँ) उनकी कविता का मुख्य विषय थी; 'वर्षा-बहार' उसका एक उदाहरण है।

सरस्वती और माधुरी उस समय की बहुत प्रसिद्ध हिंदी पत्रिकाएँ थीं; उनमें छपना बड़ी बात मानी जाती थी।

उनका जीवन 1895 से 1989 तक, लगभग 94 साल का था। उन्होंने भारत को ग़ुलाम भी देखा और आज़ाद भी! और पूरे समय उनकी कविता का विषय वही रहा: प्रकृति।

मुकुटधर पाण्डेय बिलासपुर के थे, प्रकृति उनका विषय था, और उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला।

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