वर्षा-बहार
विशेषण और विशेष्य
कविता की पंक्तियों से विशेषण और विशेष्य पहचानिए।
पृष्ठ 89 पर विशेषण का अभ्यास। (पाठ 3 में पढ़ा था; अब इस कविता पर लगाइए!)
पंक्ति: "बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब।" कैसा गीत? सुंदर गीत। तो 'सुंदर' = विशेषण (विशेषता बताने वाला), 'गीत' = विशेष्य (जिसकी विशेषता बताई गई)।
कविता की और पंक्तियों में पहचानिए (पूछिए: कैसा? कैसी?):
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
|---|---|---|
| नभ में छटा अनूठी | अनूठी (अनोखी) | छटा |
| बाँधे कतार सुंदर | सुंदर | कतार |
| गाकर सुगीत प्यारे | प्यारे | सुगीत |
| चलती हवा है ठंडी | ठंडी | हवा |
कुछ ख़ास दिखा? इस कविता में विशेषण अक्सर संज्ञा के बाद आता है: 'गीत सुंदर', 'छटा अनूठी', 'हवा ठंडी'। आम हिंदी में हम कहते हैं 'सुंदर गीत', 'ठंडी हवा'। कवि ने क्रम उलट दिया, ताकि लय और तुक बने।
अब खुद विशेषण सोचिए:
- वर्षा कैसी? मूसलाधार, सुहानी
- पानी कैसा? ठंडा, स्वच्छ
- बादल कैसे? काले, घने
- डालियाँ कैसी? हरी, झूमती
- गुलाब कैसा? खिला, सुगंधित
विशेषण बताता है कि वस्तु कैसी है, विशेष्य वह वस्तु है — और इस कविता में विशेषण प्रायः बाद में आता है।
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