चिड़िया
कविता की रचना
कविता की रचना की एक खास विशेषता खोजिए।
पृष्ठ 120 पर 'कविता की रचना'। पंक्तियाँ: "सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं।"
"ये शब्द लिखने-बोलने में एक जैसे हैं। इस तरह की शैली प्रायः कविता में आती है।"
यह दोहराव दो काम करता है:
- बात मन में बैठ जाती है; दो बार सुनकर भूलती नहीं
- दोनों पंक्तियाँ जुड़ जाती हैं, जिससे लय बनती है
चतुराई देखिए: एक भाग वही रहता है, एक भाग बदलता है।
| स्थिर भाग | बदलता भाग |
|---|---|
| सब मिल-जुलकर | रहते हैं वे |
| सब मिल-जुलकर | खाते हैं |
तो नई पंक्ति बनाना आसान है: स्थिर भाग वही रखिए, क्रिया बदल दीजिए! पाठ ख़ुद संकेत देता है: "सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे, सब मिल-जुलकर गाते हैं......"
अब आप आगे बढ़ाइए:
- सब मिल-जुलकर उड़ते हैं वे, सब मिल-जुलकर आते हैं
- सब मिल-जुलकर खेलते हैं वे, सब मिल-जुलकर सोते हैं
ध्यान रखिए कि पंक्ति के अंतिम शब्दों की ध्वनि मिलती-जुलती हो (आते/जाते, गाते/खाते)।
एक भाग स्थिर और एक बदलता हुआ — 'सब मिल-जुलकर ___ हैं' से कितनी भी पंक्तियाँ बन जाती हैं।
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