मत बाँधो
काल परिवर्तन और शब्दकोश
वाक्यों का काल बदलना और शब्दकोश देखना सीखिए।
1. काल बदलिए. "सौरभ उड़ जाता है नभ में।" क्रिया 'जाता है' बताती है कि यह वर्तमान काल है।
बदलकर देखिए:
- भूतकाल: 'सौरभ उड़ गया है नभ में।'
- भविष्य काल: 'सौरभ उड़ जाएगा नभ में।'
केवल क्रिया बदली; बाकी वाक्य वही रहा। यही काल परिवर्तन है।
कविता में वर्तमान काल की और पंक्तियाँ: 'फिर वह लौट कहाँ आता है?', 'वह नभ में कब उड़ पाता है?', 'अग्नि सदा धरती पर जलती', 'धूम गगन में मँडराता है!' इन्हें भूत और भविष्य में बदलिए।
ध्यान दीजिए: कविता के उदाहरण वर्तमान काल में हैं, पर दूसरा भाग भविष्य काल में है: 'मिल जायेगा', 'आयेगा', 'सिखलायेगा'। यानी उदाहरण आज के, पर आशा कल की।
2. शब्दकोश: 'शिल्प'. शब्दकोश इसके छह अर्थ देता है:
- हाथ से चीज़ बनाने का काम: दस्तकारी, कारीगरी, हुनर;
- कला से जुड़ा व्यवसाय;
- दक्षता, कौशल;
- निर्माण, सृजन, रचना;
- आकार, आवृत्ति;
- अनुष्ठान, धार्मिक कृत्य।
कविता की पंक्ति: 'स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प।' यहाँ सबसे ठीक अर्थ: निर्माण, रचना; और साथ में कौशल भी। एक ही शब्द के दो अर्थ एक साथ काम कर रहे हैं।
तो 'शिल्पशाला' का अर्थ होगा: वह जगह जहाँ शिल्प (कारीगरी) सिखाई या की जाती है।
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