आदमी का अनुपात
मेरी समझ से
कविता के मुख्य भाव के बारे में अपनी समझ परखिए।
'मेरी समझ से' के चार प्रश्न कविता के मुख्य भाव तक ले जाते हैं।
1. ब्रह्मांड में मानव का स्थान? उत्तर: अत्यंत सूक्ष्म (बहुत ही छोटा)।
बाकी तीन विकल्प उलटे हैं, और कविता तीनों बातों का खंडन करती है:
- कि मानव पृथ्वी पर सबसे बड़ा और सबसे ज़रूरी है;
- कि वह सब नक्षत्रों से बड़ा है;
- कि वह समस्त प्रकृति पर शासन करता है।
2. किन दो का अनुपात? उत्तर: मानव और ब्रह्मांड। घर और कमरा, देश और नगर कविता में आते हैं, पर वे बीच की सीढ़ियाँ हैं। अनुपात दो छोरों का है: सबसे छोटा मानव, सबसे बड़ा ब्रह्मांड।
3. मानव किन भावों में लीन रहता है? कविता में ही लिखा है: ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास।
4. मानव का सबसे बड़ा दोष? दो उत्तर ठीक हैं:
- वह अपनी सीमाओं और दुर्बलताओं को नहीं समझता: पूरी कविता उसकी सीमा दिखा रही है, और वह उसे नहीं देखता;
- वह अपने छोटेपन को भूलकर अहंकारी हो जाता है: यही 'इस पर भी आदमी' का अर्थ है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं?
- 'वह दूसरों पर शासन करना चाहता है': सच है, पर यह उसी अहंकार का नतीजा है, मूल दोष नहीं;
- 'प्रकृति के साथ तालमेल न बिठा पाना': इसकी चर्चा कविता में नहीं है।
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