चाँद का कुरता
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया पहचानना सीखो।
तुम्हारी किताब 'वीणा' के पृष्ठ 26 पर 'भाषा की बात' के तीसरे प्रश्न में एक तालिका है। उसमें कविता 'चाँद का कुरता' की कुछ पंक्तियाँ हैं, और हर पंक्ति के शब्दों को चार खानों में बाँटना है: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया। पहले चारों को याद कर लो।
संज्ञा — किसी व्यक्ति, जगह, चीज़ या भाव का नाम (चाँद, माता, ऊन, दिन)। सर्वनाम — वह शब्द जो संज्ञा की जगह आता है, ताकि नाम बार-बार न दोहराना पड़े (मैं, मुझे, तुम, वह, यह)। विशेषण — जो संज्ञा की विशेषता बताए: कैसा, कितना, कौन-सा (मोटा, एक, सुंदर)। क्रिया — जो कोई काम होना या करना बताए (बोला, सिलवा दो, चलती है)।
किताब ने तालिका की पहली पंक्ति खुद भरकर दिखाई है। यह कविता की पहली पंक्ति है, जिसमें चाँद एक दिन ज़िद करके माँ से बोलता है। उसमें संज्ञा हैं: हठ (ज़िद), चाँद, दिन, माता। सर्वनाम है: यह (यहाँ 'यह' चाँद की उस बात के बदले आया है जो वह आगे कहता है)। विशेषण है: एक (एक दिन — कितने दिन? एक)। क्रिया हैं: कर बैठा, बोला।
तालिका की दूसरी पंक्ति वह है, जिसमें चाँद माँ से ऊन का मोटा एक झिंगोला सिलवाने को कहता है। इसके शब्द ऐसे बँटेंगे — संज्ञा: माँ, ऊन, झिंगोला। सर्वनाम: मुझे (चाँद अपने नाम की जगह 'मुझे' कहता है)। विशेषण: मोटा, एक (कैसा झिंगोला? मोटा; कितने? एक)। क्रिया: सिलवा दो।
किताब यह भी कहती है कि इन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करो। जैसे: 'चाँद ने माँ से एक मोटा झिंगोला माँगा।' — इसमें चाँद, माँ, झिंगोला संज्ञा हैं; एक, मोटा विशेषण हैं; और माँगा क्रिया है।
Practise this lesson
Questions that get harder as you improve, a Tutor that helps without giving the answer away, and progress you can see. Free for every learner.
No account, no email address. Opens the real product.