मेरा बचपन
शब्द और अर्थ
पाठ के शब्दों को उनके अर्थ से मिलाओ।
अपनी किताब 'वीणा' का पृष्ठ 78 खोलो। वहाँ 'मिलान कीजिए' में चार चित्र और चार अर्थ दिए गए हैं। ये चारों शब्द पाठ 'मेरा बचपन' में आए हैं: चबेना, थापी, कौड़ी और घूमना। आओ, हर शब्द का अर्थ समझें।
चबेना — चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाज। पाठ में लेखक और हलधर सुबह-सुबह मटर और जौ का चबेना खाते थे।
थापी — काठ (लकड़ी) का एक डंडा, जिसका सिरा चपटा और चौड़ा होता है। यह कपड़े धोने के काम आता है, पर किताब बताती है कि अनेक बच्चे इसे बल्ले की तरह खेलने में इस्तेमाल करते हैं। लेखक कहते हैं कि गुल्ली-डंडे में थापी की ज़रूरत ही नहीं।
कौड़ी — एक समुद्री कीड़े का खोल, जिसे पुराने समय में मुद्रा, यानी पैसे की तरह इस्तेमाल करते थे। इसीलिए 'बिना दाम-कौड़ी' का मतलब है बिना किसी खर्च के। लेखक कहते हैं कि भारतीय खेल बिना दाम-कौड़ी के खेले जाते हैं।
घूमना — भ्रमण करना, या इधर-उधर चलना। पाठ में लेखक को नंगे पाँव खेतों में घूमना याद आता है।
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