न्याय
घटनाओं का क्रम
नाटक की घटनाओं को सही क्रम में लगाओ।
आपकी किताब 'वीणा' के पाठ 9 के पृष्ठ 110 पर कहा गया है कि 'न्याय' नाटक की कहानी को प्रवाह चार्ट के रूप में लिखो। प्रवाह चार्ट में घटनाएँ डिब्बों में, एक के नीचे एक, उसी क्रम में लिखी जाती हैं जिसमें वे हुईं, और बीच में तीर का निशान होता है — जिसका अर्थ है 'इसके बाद'।
किताब ने पहले दो डिब्बे भर दिए हैं: (1) सिद्धार्थ और उनके सखा का प्रकृति को निहारना (प्यार से देखना)। इसके बाद (2) तीर लगे पक्षी का घायल होकर गिरना।
आगे की घटनाएँ, नाटक के क्रम में, ये हैं: (3) सिद्धार्थ का हंस का तीर निकालना और सखा को मरहम लाने भेजना। (4) देवदत्त का आकर हंस माँगना। (5) महाराज की सभा में देवदत्त की शिकायत।
(6) मंत्री की परीक्षा — हंस को आसन पर बैठाकर दोनों से बुलवाना। (7) हंस का उड़कर सिद्धार्थ की गोद में आना, और महाराज का निर्णय कि हंस सिद्धार्थ के पास रहे।
क्रम याद रखने का आसान तरीका: पहला दृश्य उद्यान में है — प्रकृति, घायल हंस, तीर निकालना, देवदत्त का झगड़ा। दूसरा दृश्य सभा में है — शिकायत, परीक्षा, निर्णय।
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